करदो दीनो के दुःख दूर ओ बाघम्बर वाले
कर दे दीनों का दुःख दूर, ओ बाघम्बर वाले ।
कर दो सभी का दुःख दूर ओ शिवशंकर भोले ॥ ओ बाघम्बर वाले
कोई चढ़ावे शिवजी जल की ओ धारा,
कोई चढ़ावे कच्चा दूध ॥ ओ बाघम्बर ॥
हरी हरी बेल की पत्तियाँ चन्दन चावल,
और चढ़ाऊँ फल फूल ॥ ओ बाघम्बर ॥
आक धतुरा शिवजी भोग लगत हैं,
भंगिया पीओ भरपूर ॥ओ बाघम्बर ॥
नन्दी रे गण असवारी ओ शिवजी,
हाथ लिये हैं त्रिशूल ॥ ओ बाघम्बर ॥
गोरे गोरे अंग पर भस्मी रमावे,
गले सर्पों का हार।। ओ बाघाम्बर।।
बायें अंग मां गिरिजा बिराजे,
गोदी लियो है गुणेश।। ओ बाघंबर।।
कंचन थाल कपूर की बाती भोला,
आरती करता नरनार।। ओ बाघांबर।।
सेवा न जानू बाबा पूजा न जानूं
जानूं तुम्हारो एक नाम ।। ओ बाघंबर।।
सत्यनारायण स्वामी शरण तिहारी
शरण आये री राखो लाज ।। ओ बाघंबर।।
अर्जी हमारी भोला मर्जी तुम्हारी,
अर्जी करो मंजुर ॥ ओ बाघम्बर ॥
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