भोले नाथ है तू मतवाला, तेरे गल सर्पन की माला

भोले नाथ है तू मतवाला, तेरे गल सर्पन की माला ।

तू है भक्तों का रखवाला, भोले भण्डारी, ओ भोले भण्डारी ।।


तेरी सूरत भोली भाली, जिस पर पारवती मतवाली ।

तू है तीन जहॉं का मालिक, भोले भण्डारी हो भोले।।


तेरी बैल सवारी साजे, तेरी जटा में गंगा बिराजे ।

तेरा डम-डम डमरू बाजै, भोले भण्डारी हो भोले।।


पारवती जब आई, तब सोने की लंका बनाई ।

उसकी रावण करे सफाई, भोले भण्डारी हो भोले।।


तेरा जो कोई ध्यान लगावे, उसका बेड़ा पार हो जावे,

तेरा प्रेम मण्डल गुण गावे, भोले भण्डारी हो भोले।। 

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