आज हरी आये विदुर घर पावणा लिरिक्स Aaj Hari Aaye Vidur Ghar Paavana Lyrics

 आज हरी आये विदुर घर पावणा लिरिक्स 

Aaj Hari Aaye Vidur Ghar Paavana Lyrics


आज हरी आये, विदुर घर पावणा।

विदुर नहीं घर मैं विदुरानी,
आवत देख सारंग पानी,
फूली अंग न आवे चिंता,
भोजन कहाँ जिमावणा,
आज हरी आये, ...

केला बहुत प्रेम से लाई,
गिरी-गिरी सब देत गिराई,
छिलका देत श्याम मुख मांही,
छिलका देत हरी मुख मांही,
लागे परम सुहावणा,
आज हरी आये, ...

इतने माहीं विदुरजी आए,
खोटे खारे वचन सुनाये,
छिलका देत श्याम मुख मांही,
छिलका देत हरी मुख मांही,
कँहा गँवाई तेरी भावना,
आज हरी आये,...

केला लिए विदुर कर मांही,
गिरी देत गिरधर मुख मांही,
कहे कृष्ण जी सुनो विदुर जी,
कहे कृष्ण जी सुनो विदुर जी,
वो स्वाद नहीं आवणा,
आज हरी आये...

बाँसी कूसी रूखी सूखी,
हम तो विदुर जी प्रेम के भूखे,
शम्भू सखी धन्य धन्य विदुरानी,
भक्तन मान बढावणा,
आज हरी आये ...

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